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पाणिनीय संस्कृत महा-शब्दकोश एवं अमरकोश

Advanced Sanskrit & Vedic Lexicon (संस्कृत शब्दकोश)

Searchable Sanskrit-Hindi-English lexicon with Paninian etymology (व्युत्पत्ति), Dhatu roots, scriptural quotes, Amarakosha synonyms, and voice pronunciation.

वर्ण:

ब्रह्मन् (ब्रह्म)

[brahman]
वेदान्त व दर्शन
नपुंसकलिंगम्

परम यथार्थ, सर्वव्यापी निराकार चेतना, जगत् का मूल उपादान व निमित्त कारण

The Ultimate Reality, Supreme Cosmic Consciousness, source and substratum of all existence

धातु मूल: √बृह् (बढ़ना / विस्तार पाना) + मनिन्
बृहत्त्वाद् बृंहणत्वाच्च ब्रह्म — जो स्वयं अनन्त विशाल है और सम्पूर्ण सृष्टि का विस्तार करता है।
शास्त्र प्रमाणछान्दोग्योपनिषद् ३.१४.१
"सर्वं खल्विदं ब्रह्म तज्जलानिति शान्त उपासीत।"
पर्याय:परमात्मापरमेश्वरःसच्चिदानन्दःअक्षरम्

आत्मन् (आत्मा)

[ātman]
वेदान्त व दर्शन
पुंल्लिङ्गम्

शुद्ध जीवात्मा, अविनाशी अन्तःचेतना, कूटस्थ साक्षी

The immortal True Self, pure individual consciousness, eternal witness

धातु मूल: √अत् (निरन्तर गति करना / व्याप्त रहना) + मनिन्
यच्चाप्नोति यदादत्ते यच्चात्ति विषयानिह। यच्चास्य सन्ततो भावस्तस्मादात्मेति कीर्त्यते॥
शास्त्र प्रमाणश्रीमद्भगवद्गीता २.२०
"न जायते म्रियते वा कदाचिन्नायं भूत्वा भविता वा न भूयः। अजो नित्यः शाश्वतोऽयं पुराणो न हन्यते हन्यमाने शरीरे॥"
पर्याय:क्षेत्रज्ञःपुरुषःसाक्षीजीवात्मा

माया

[māyā]
वेदान्त व दर्शन
स्त्रीलिङ्गम्

परमात्मा की अचिन्त्य शक्ति जो सत्य को छिपाकर (आवरण) अनित्य जगत् का भान कराती है (विक्षेप)

The illusory cosmic energy of Brahman that veils the Real and projects the phenomenal universe

धातु मूल: √मा (मापना / निर्माण करना) + यत् + टाप्
या मा सा माया — जो वस्तुतः नहीं है, किन्तु भासमान होती है।
शास्त्र प्रमाणश्रीमद्भगवद्गीता ७.१४
"दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया। मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते॥"
पर्याय:अविद्याप्रकृतिःअव्यक्तम्मोहिनी

मोक्षः

[mokṣaḥ]
वेदान्त व दर्शन
पुंल्लिङ्गम्

संसार के आवागमन से सर्वथा मुक्ति, आत्यन्तिक दुःखनिवृत्ति एवं परमानन्द की प्राप्ति

Final spiritual liberation, emancipation from Samsara, supreme state of freedom

धातु मूल: √मुच् (मुक्त होना / छोड़ना) + घञ्
मुच्यते संसारबन्धनात् येन सः मोक्षः — जिससे समस्त सांसारिक बन्धन टूट जाएं।
शास्त्र प्रमाणमुण्डकोपनिषद् २.२.८
"भिद्यते हृदयग्रन्थिश्छिद्यन्ते सर्वसंशयाः। क्षीयन्ते चास्य कर्माणि तस्मिन्दृष्टे परावरे॥"
पर्याय:मुक्तिःकैवल्यम्निर्वाणम्अपवर्गः

प्रकृतिः

[prakṛtiḥ]
वेदान्त व दर्शन
स्त्रीलिङ्गम्

त्रिगुणात्मिका मूल भौतिक सृष्टि, जगत् का उपादान कारण

Primal Nature, the fundamental substance comprising Sattva, Rajas, and Tamas

धातु मूल: प्र + √कृ (बनाना / रचना) + क्तिन्
प्रकरोति कार्यजातं या सा प्रकृतिः — जो सम्पूर्ण दृश्य सृष्टि का निर्माण करती है।
पर्याय:प्रधानम्अव्यक्तम्मायासृष्टिः

पुरुषः

[puruṣaḥ]
वेदान्त व दर्शन
पुंल्लिङ्गम्

विशुद्ध अक्रिय साक्षी चैतन्य, जीवात्मा अथवा परमात्मा

Pure conscious observer, cosmic spirit, unattached witness

धातु मूल: पुर् (शरीर / ब्रह्माण्ड) + शी (निवास करना) + क
पुरि शरीरे शेते इति पुरुषः — जो इस शरीररूपी पुर में निवास करता है।
पर्याय:साक्षीचेतनःआत्माक्षेत्रज्ञः

समाधिः

[samādhiḥ]
योग, आयुर्वेद व साधना
पुंल्लिङ्गम्

चित्त की वह उच्चतम एकाग्र अवस्था जहाँ ज्ञाता, ज्ञान और ज्ञेय एकाकार हो जाते हैं

Superconscious absorption, ultimate state of meditative stillness where the self merges with the object of contemplation

धातु मूल: सम् + आ + √धा (धारण करना / स्थिर करना) + कि
सम्यग् आधीयते चित्तं यस्मिन् सः समाधिः — जिसमें चित्त पूर्णतः ईश्वर/आत्मतत्त्व में लीन हो जाए।
शास्त्र प्रमाणपातञ्जल योगसूत्र ३.३
"तदेवार्थमात्रनिर्भासं स्वरूपशून्यमिव समाधिः।"
पर्याय:तुरीयावस्थाउन्मनीअमनावस्थालयः

धर्मः

[dharmaḥ]
नीति, धर्म व आचरण
पुंल्लिङ्गम्

सृष्टि को धारण करने वाला शाश्वत नैतिक नियम, कर्तव्य, सदाचार

Righteous duty, cosmic order, universal law of righteousness and sustenance

धातु मूल: √धृ (धारण करना / सम्भालना) + मन्
धारणाद्धर्म इत्याहुर्धर्मो धारयते प्रजाः — जो सम्पूर्ण विश्व और मानव समाज को धारण करता है।
शास्त्र प्रमाणवैशेषिक सूत्र १.१.२
"यतोऽभ्युदयनिःश्रेयससिद्धिः स धर्मः।"
पर्याय:कर्तव्यम्सदाचारःन्यायःऋतम्

सत्यम्

[satyam]
नीति, धर्म व आचरण
नपुंसकलिंगम्

यथार्थ, सत्यनिष्ठा, जो तीनों कालों में अप्रभावित रहे

Absolute Truth, veracity, authenticity of speech and thought

धातु मूल: √अस् (होना) ➔ सत् + यत्
सद्भावे साधु सत्यम् — जो सत् (अस्तित्ववान्) के अनुकूल हो।
शास्त्र प्रमाणमनुस्मृति ४.१३८
"सत्यं ब्रूयात् प्रियं ब्रूयान्न ब्रूयात् सत्यमप्रियम्।"
पर्याय:ऋतम्तथ्यम्यथार्थम्

अहिंसा

[ahiṁsā]
नीति, धर्म व आचरण
स्त्रीलिङ्गम्

मन, वाणी व कर्म से किसी भी प्राणी को पीड़ा न पहुँचाना, सार्वभौमिक प्रेम

Non-violence in thought, word, and deed; unconditional universal harmlessness

धातु मूल: न + √हिंस् (पीड़ा देना) + अङ् + टाप्
सर्वथा सर्वदा सर्वभूतानामनभिद्रोहः — सभी प्राणियों के प्रति द्रोहभाव का सर्वथा अभाव।
शास्त्र प्रमाणपातञ्जल योगसूत्र २.३५
"अहिंसाप्रतिष्ठायां तत्सन्निधौ वैरत्यागः।"
पर्याय:अद्रोहःदयाभावःअभयम्अनुकम्पा

अस्तेयम्

[asteyam]
नीति, धर्म व आचरण
नपुंसकलिंगम्

चोरी न करना, किसी के धन या अधिकार पर अनुचित दृष्टि न रखना

Non-stealing, refraining from coveting others' possessions

धातु मूल: न + √स्तै (चोरी करना) + यत्
पर्याय:अचौर्यम्ईमानदारीऋजुता

अपरिग्रहः

[aparigrahaḥ]
नीति, धर्म व आचरण
पुंल्लिङ्गम्

आवश्यकता से अधिक संग्रह न करना, निष्कामता

Non-possessiveness, freedom from greed and non-accumulation

धातु मूल: न + परि + √ग्रह् (ग्रहण करना) + अप्
पर्याय:अलोभःत्यागःनिःस्पृहता

तितिक्षा

[titikṣā]
नीति, धर्म व आचरण
स्त्रीलिङ्गम्

बिना प्रतिकार या शोक के सर्दी-गर्मी, सुख-दुःख आदि द्वन्द्वों को सहन करने की क्षमता

Forbearance, joyful endurance of dualities (heat/cold, pleasure/pain) without complaint

धातु मूल: √तिज् (सहन करना) सन्-प्रत्यय + टाप्
शास्त्र प्रमाणश्रीमद्भगवद्गीता २.१४
"मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः। आगमापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत॥"
पर्याय:सहनशीलताधैर्यम्सहिष्णुताक्षमत्वम्

योगः

[yogaḥ]
योग, आयुर्वेद व साधना
पुंल्लिङ्गम्

जीवात्मा का परमात्मा से मिलन, चित्तवृत्तियों का निरोध, कर्मों में कुशलता

Union of individual soul with Divine, stillness of mental modifications, skill in action

धातु मूल: √युज् (जोड़ना / समाधि लगाना) + घञ्
योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः — चित्त की वृत्तियों को शान्त व एकाग्र करना ही योग है।
शास्त्र प्रमाणश्रीमद्भगवद्गीता २.४८
"योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्गं त्यक्त्वा धनञ्जय। सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते॥"
पर्याय:समाधिःसंयमःएकत्वम्उपासना

प्राणायामः

[prāṇāyāmaḥ]
योग, आयुर्वेद व साधना
पुंल्लिङ्गम्

श्वास-प्रश्वास की गति का नियमन व प्राणशक्ति का विस्तार

Regulated breath control and expansion of vital life-force energy

धातु मूल: प्राण + आयाम (विस्तार / नियंत्रण)
शास्त्र प्रमाणपातञ्जल योगसूत्र २.४९
"तस्मिन् सति श्वासप्रश्वासयोर्गतिविच्छेदः प्राणायामः।"
पर्याय:श्वाससंयमःकुम्भकःप्राणसाधना

कुण्डलिनी

[kuṇḍalinī]
योग, आयुर्वेद व साधना
स्त्रीलिङ्गम्

मूलाधार चक्र में सुप्त दिव्य आध्यात्मिक शक्ति (सर्पाकार शक्ति)

The primordial dormant spiritual energy coiled at the base of the spine (Muladhara)

धातु मूल: कुण्डल (कुण्डलाकार) + इनि + ङीप्
पर्याय:भुजङ्गीशक्तिःप्राणशक्तिःमहामाया

ओजस्

[ojas]
योग, आयुर्वेद व साधना
नपुंसकलिंगम्

समस्त धातुओं का सार, शारीरिक व आत्मिक तेज, रोगप्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी)

The supreme essence of all bodily tissues, vital spiritual radiance, and immunity

धातु मूल: √उब्ज् / √वज् (बलशाली होना) + असुन्
पर्याय:तेजःबलम्कान्तिःप्राणसारः

तेजस्

[tejas]
योग, आयुर्वेद व साधना
नपुंसकलिंगम्

आंतरिक आभा, ब्रह्मतेज, दिव्य ऊर्जा व पराक्रम

Radiant spiritual glow, divine luster, inner spiritual fire

धातु मूल: √तिज् (चमकना / प्रदीप्त होना) + असुन्
पर्याय:प्रभादीप्तिःद्युतिःकान्तिः

यज्ञः

[yajñaḥ]
वैदिक यज्ञ व अनुष्ठान
पुंल्लिङ्गम्

देवपूजा, संगतिकरण और दान का पवित्र वैदिक अनुष्ठान; निष्काम परोपकार

Sacred Vedic fire ritual, dedicated worship, selfless sacrifice for universal welfare

धातु मूल: √यज् (देवपूजा, संगतिकरण, दान) + नङ्
शास्त्र प्रमाणश्रीमद्भगवद्गीता ३.९
"यज्ञार्थात्कर्मणोऽन्यत्र लोकोऽयं कर्मबन्धनः। तदर्थं कर्म कौन्तेय मुक्तसङ्गः समाचर॥"
पर्याय:यागःमखःक्रतुःहवनम्

मन्त्रः

[mantraḥ]
वैदिक यज्ञ व अनुष्ठान
पुंल्लिङ्गम्

मनन करने पर जो रक्षा और मुक्ति प्रदान करे, दिव्य वैदिक ध्वनि

Sacred revealed sound syllable that protects and elevates upon contemplative repetition

धातु मूल: √मन् (मनन करना / विचार करना) + त्रन् (त्राण / रक्षा)
मननात् त्रायते इति मन्त्रः — जिसके मनन से जन्म-मरण और दुःखों से रक्षा हो।
पर्याय:स्तोत्रम्ऋचासूक्तम्जप्यम्

हविस्

[havis]
वैदिक यज्ञ व अनुष्ठान
नपुंसकलिंगम्

यज्ञ की अग्नि में देवताओं के निमित्त समर्पित की जाने वाली आहुति (घृत, तिल, समिधा आदि)

Sacred oblation (ghee, grains, herbs) offered into the consecrated sacrificial fire

धातु मूल: √हु (हवन करना) + इसि
पर्याय:आहुतिःहव्यम्चरुःसमिधा

स्वाहा

[svāhā]
वैदिक यज्ञ व अनुष्ठान
स्त्रीलिङ्गम् / अव्ययम्

देवताओं को आहुति समर्पित करते समय बोला जाने वाला मन्त्र-पद; अग्निदेव की पत्नी

Sacred utterance invoked when offering oblations to Devas; consort of Agni

धातु मूल: सु + √आह् (उत्तम वाणी बोलना)
पर्याय:वषट्हुतम्

नमस्ते / नमस्कारः

[namaste / namaskāraḥ]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
अव्ययम्

आपके भीतर विद्यमान दिव्य आत्मा/ईश्वर को मेरा सादर प्रणाम

I bow to the divine presence within you; traditional sacred greeting

धातु मूल: नमः + ते (तुम्हें नमन)
पर्याय:प्रणामःवन्दनम्अभिनन्दनम्

धन्यवादः

[dhanyavādaḥ]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
पुंल्लिङ्गम्

आभार व्यक्त करना, कृतज्ञता ज्ञापन (थैंक यू)

Expression of gratitude, thanksgiving

धातु मूल: धन्य + वाद (प्रशंसा के वचन)
पर्याय:कृतज्ञताआभारःसाधुवादः

स्वागतम्

[svāgatam]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
नपुंसकलिंगम्

शुभ आगमन, आपका हार्दिक अभिनन्दन (वेलकम)

Auspicious arrival, warm welcome

धातु मूल: सु + आगतम् (उत्तम आगमन)
पर्याय:अभिनन्दनम्सत्कारः

कृपया

[kṛpayā]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
अव्ययम्

कृपा करके, विनम्रतापूर्वक निवेदन (प्लीज)

Kindly, please (by your grace)

धातु मूल: कृपा (तृतीया एकवचन)
पर्याय:सानुरोधम्अनुग्रहेण

शुभरात्रिः

[śubharātriḥ]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
स्त्रीलिङ्गम्

रात्रि कल्याणकारी व मंगलमय हो (गुड नाईट)

May your night be auspicious and peaceful (Good night)

पर्याय:सुखरात्रिः

सुप्रभातम्

[suprabhātam]
दैनिक व व्यावहारिक संस्कृत
नपुंसकलिंगम्

प्रभात मंगलमय व शुभ हो (गुड मॉर्निंग)

Auspicious morning (Good morning)

पर्याय:शुभप्रभातम्
How to use

Step by step

  1. 1Type in Devanagari, IAST or English (e.g. 'dharma').
  2. 2See the primary meaning, gender/case if noun, and root if verb.
  3. 3Tap example usage to see the word in a shastra citation.
  4. 4Bookmark words for a personal vocabulary list.
Benefits

Why devotees love this

  • Devanagari + IAST + English input.
  • Grammar info (linga, dhatu, gana).
  • Example citations from Bhagavad Gita, Upanishads and standard texts.
  • Free, ad-light, mobile-first.
Common use cases

When people use Sanskrit Dictionary

  • 1Reading Bhagavad Gita with word-by-word lookup.
  • 2Sanskrit students building vocabulary.
  • 3Purohits verifying a mantra term.
  • 4Writers researching the exact Sanskrit root of a concept.
Common mistakes

Avoid these

  • Trusting a single English gloss — most Sanskrit words have layered meanings.
  • Ignoring the linga (gender) — it changes declension.
  • Missing sandhi — 'dharmartha' = dharma + artha.
  • Assuming Hindi meaning = Sanskrit meaning (many false friends).
Accuracy

Independently validated

Definitions and roots aligned with Monier-Williams, Apte and standard shabdakosha references.

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Frequently asked questions

Primary: Monier-Williams and Apte. Cross-checked with Amara-kosha for classical usage.

Basic sandhi splitting is available — see the dedicated Sandhi Splitter for complex cases.

Yes — common compounds are indexed; the Shloka Analyzer breaks down complex samasas.

Not yet — planned for a future release.

Yes — the report button on each entry lets you suggest additions or corrections.

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